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शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022

सूतांजली दिसंबर 2022


 

सूतांजली के दिसम्बर अंक का संपर्क सूत्र नीचे है:-

इस अंक में हैं:

१। बड़ी-बड़ी छोटी-छोटी बातें               मेरे विचार

जीवन की छोटी-छोटी बातें ही बड़ी-बड़ी बातों को जन्म देती हैं। सबसे छोटे कण, अणु, में ही अपरिमित ऊर्जा होती है। यह ध्यान रखें, आप अकेले भी उसी दिव्य के अंश हैं।

२। परमात्मा यानी क्या ?                  मैंने पढ़ा  

कौन है यह परमात्मा और कैसे मिले वह? क्या बुद्धि से उसे खोज सकते हैं? जहां बुद्धि हार जाती है वहाँ से शुरू होता है प्रेम का प्रभाव।

 

यू ट्यूब पर सुनें : à

https://youtu.be/ugAohn2uySU

ब्लॉग  पर पढ़ें : à 

https://sootanjali.blogspot.com/2022/12/2022.html


 


शुक्रवार, 4 नवंबर 2022

सूतांजली नवम्बर 2022

 सूतांजली के नवम्बर अंक का संपर्क सूत्र नीचे है:-



इस अंक में हैं:

१। अस्तित्व      

ईश्वर दिखते नहीं, तब हम कैसे स्वीकार करें उनका अस्तित्व।

और ईश्वर कहते हैं, ‘…अब अगर देखते हुए भी कहो कि नहीं दिख रहे हो, तो इसमें मेरा क्या दोष?

२। प्रकृति की शक्तियाँ 

क्या हमें प्रकृति की विशालता का अंदाज है? विज्ञान भी कहता है कि यहाँ तक तो हम जानते हैं, लेकिन इसके बाद और कितना? इसकी हमें जानकारी नहीं।

३। रहम के देवता

अगली बार कभी मन में ईश्वर की तलाश का प्रश्न उभरे तो किसी को माफ करके  देखिएगा, किसी रोते हुए के चेहरे पर हंसी की रंगोली बनाकर निहारिएगा, यकीनन जगदीश्वर आपकी आँखों के सामने होंगे।

 

यू ट्यूब पर सुनें : à

https://youtu.be/mrnEtYOCGJk

 

ब्लॉग  पर पढ़ें : à 

https://sootanjali.blogspot.com/2022/11/2022.html


शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2022

सूतांजली अक्तूबर 2022



 सूतांजली के अक्तूबर अंक का संपर्क सूत्र नीचे है:-

इस अंक में हैं शिक्षा का परिणाम और उद्देश्य तथा क्या ‘गांधी-वाद’ जैसा भी कुछ है?

१। पहली सीढ़ी...... शिक्षा का दायित्व....... वसंत मैंने पढ़ा

जेन गुरु की कहानी, हिटलर के गैस चैंबर की दास्तां और वसंत का आगमन

२। ....वाद पर विवाद                          मेरे विचार

मानव का मनोविज्ञान कहता है – हम जिसे सही जानते हैं, उसे सही मानते नहीं। हम जिसका आदर करते हैं, उसकी सुनते नहीं। हम मानते कुछ हैं, चाहते कुछ और, इस दोहरी जिंदगी से निजात पाना होगा।

 

यू ट्यूब पर सुनें : à

https://youtu.be/Uo7qA7aHNOA

 

ब्लॉग  पर पढ़ें : à 

https://sootanjali.blogspot.com/2022/10/2022.html

शुक्रवार, 2 सितंबर 2022

सूतांजली सितंबर 2022


 

सूतांजली के सितंबर अंक का संपर्क सूत्र नीचे है:-

इस अंक में हैं फोर्ड गाड़ी के निर्माता श्रीमान फोर्ड से मुलाक़ात का एक दिलचस्प किस्सा और साथ में एक लघु संदेश।

१। चलें, मिलें फोर्ड के जनरल मैनेजर से...           मैंने पढ़ा  

एक किस्सा बताती है जीने का तरीका।

२। ईश्वर          लघु बातें   - जो सिखाती हैं जीना

क्या भय है ईश्वर को?

 

यू ट्यूब पर सुनें : à

https://youtu.be/aJsYHCwku7Y

ब्लॉग  पर पढ़ें : à 

https://sootanjali.blogspot.com/2022/09/2022.html

रविवार, 7 अगस्त 2022

सूतांजली 2022

सूतांजली के अगस्त अंक का संपर्क सूत्र नीचे है:-

इस अंक में हैं श्री अरविंद का लेख और धर्मवीर भारती के यात्रा वृतांत पर आधारित भारतीयता का अर्थ।

१। मौलिक विचारों की आवश्यकता – मैंने पढ़ा

श्रीअरविंद को हम एक महान योगी के रूप में  जानते हैं। कुछ लोग जानते हैं कि योगी बनाने के पूर्व वे एक जुझारू क्रांतिकारी भी थे जिन्होंने अपनी लेखनी से भारत के युवा वर्ग को झकझोर उन्हें जाग्रत और उनका पथ-प्रदर्शन किया। अंग्रेज़ सरकार उनसे परेशान थी और निरंतर उन्हें जेल में ठूँसने के लिए प्रयत्नशील थी। इसके बावजूद श्रीअरविंद निरंतर लिखते रहे। उन्होंने अपनी सशक्त लेखनी, अपने संवादों, अपने भाषणों से कायरता को वीरता में, निराशा को आशा में और निष्क्रियता को सक्रियता में परिणित कर दिया। वैसे ही लेखों की एक बानगी।)

२। माई जी की भारत-माता

श्री धर्मवीर भारती के यात्रा संस्मरण पर आधारित यह राष्ट्रियता से ओत-प्रोत आख्यान साथ में जे आर डी का एक संस्मरण

 

यू ट्यूब पर सुनें : à

https://youtu.be/HHA_01AVB-g

ब्लॉग  पर पढ़ें : à 

https://sootanjali.blogspot.com/2022/08/2022.html



शुक्रवार, 1 जुलाई 2022

सूतांजली जुलाई 2022


 

सूतांजली के जुलाई अंक में कुछ विचार, लघु कहानी और धारावाहिक ‘कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी’ का समापन किश्त है।

१। विडम्बना  

विडम्बना यह है कि हम धर्म मानते हैं, ईश्वर पर विश्वास करते हैं। पैगंबर के पीछे चलने को, उनका अनुगामी बनाने को भले ही तैयार हों, परमात्मा के पीछे चलने को तैयार नहीं।  धर्म ही, प्रत्येक व्यक्ति के अंदर जलनेवाली ज्वाला को प्रज्ज्वलित करने में सहायता करती है। धर्म केवल सहायता करती है, उसे जलाना और जलाए रखना हमारा ही काम है।

२। ईश्वर को एक अर्जी       

ईश्वर ने हमें यहाँ धरती पर भेज दिया, लेकिन किस अवस्था में, किस वातावरण में, किनके बीच? और जब हम तैयार हुए हमें बुला लिया? यह भी कोई बात हुई?

३। जिंदगी ......, जरूरी यह है कि वह कुछ बेहतर दे

हमारे पास करने के लिए बहुत अच्छे-अच्छे विचार हैं, योजना हैं, अवधारणाएँ लेकिन हमें यह भी पता है कि हम वह सब नहीं कर सकते। तब क्या, वे जो उसे बेहतरीन ढंग से कर सकते हैं, उन्हें नहीं दे सकते?

४। चरित्र बल     लघु कहानी - जो सिखाती है जीना

सी.वी.रमण भौतिकशास्त्र के प्रख्यात वैज्ञानिक के जीवन का एक प्रेरक प्रसंग।

५। कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी

धारावाहिक का समापन किश्त

 

यू ट्यूब का संपर्क सूत्र (लिंक) : à

https://youtu.be/h5azbOcbxXQ

 

ब्लॉग  का संपर्क सूत्र (लिंक): à  

https://sootanjali.blogspot.com/2022/07/2022.html


शुक्रवार, 3 जून 2022

सूतांजली जून 2022

 सूतांजली के जून अंक में एक लम्बी लघु कथा, योग दिवस पर मन का योग, लघु कहानी और धारावाहिक ‘कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी’ की अट्ठारहवीं किश्त है।



१। एक लम्बी लघु कथा

एक कहानी और साथ में एक विदेशी महिला का मार्मिक अनुभव

२। मन का योग

योग दिवस पर क्या है योग और उसका महत्व। क्या योग केवल एक शारीरिक व्यायाम मात्र है?

३। संवेदना  - लघु कहानी - जो सिखाती है जीना

हर किसी के हृदय में एक बचपन भी होता है और सरलता भी, चाहे बड़ा अधिकारी हो या चपरासी।

४। कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी (१८) – धारावाहिक

धारावाहिक की अट्ठारहवीं किश्त

 

ब्लॉग  का संपर्क सूत्र (लिंक): à  

https://sootanjali.blogspot.com/2022/06/2022.html

 

यू ट्यूब का संपर्क सूत्र (लिंक) : à

https://youtu.be/2c-ps5GfQ3Y





शुक्रवार, 6 मई 2022

सूतांजली मई 2022


 सूतांजली के मई अंक में कई विषय, लघु कहानी और धारावाहिक ‘कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी’ की सत्रहवीं किश्त है।

१। धूप-छाँह - मेरे विचार

… सूर्योदय जितना अटल है, सूर्यास्त भी उतना ही अटल है।    अगर प्रकृति के ये नियम अवश्यंभावी हैं तो फिर इससे क्या घबराना? लेकिन इनका सामना करने के लिए तैयारी  करनी पड़ेगी! क्या आपने इसकी तैयारी की है? आर्थिक सुरक्षा के नाम…

२। पढ़ना, सुनना, गुनना, घुलना   

…जैसे दूध में चीनी डाल देने मात्र से दूध में मिठास नहीं आती। क्योंकि चीनी तो दूध के बर्तन के पेंदे में बैठ जाती है। जब उसी चीनी को मिलाया जाता है तब वह…

३। बचपन की भाषा  – मैंने पढ़ा

…उसकी इस बात पर मैंने कुछ नहीं कहा, क्योंकि अब तक मैं भी बचपन की भाषा भूल गया था…

४। जीवन की नदी में हर कहानी बह रही है...-    मैंने पढ़ा  

…हर चीज बहती है। हम एक ही नदी को दोबारा नहीं देख सकते, क्योंकि हर बीतते क्षण के साथ नदी का बहाव नया…

५। तरीका - लघु कहानी - जो सिखाती है जीना

छोटी कहानियाँ - बड़े अर्थ

६।कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी (१७) – धारावाहिक

धारावाहिक की सत्रहवीं किश्त

...किन्तु पुलिस को ठग उनका केस मिट्टी कर देने की आशा भी उन्हें थी। चालाकी और असदुपाय से कार्यसिद्धि ही दुष्प्रवृत्ति की स्वाभाविक प्रेरणा है। तभी से समझ गया था कि गोसाईं पुलिस के वश हो सच झूठ...

 

ब्लॉग  का संपर्क सूत्र (लिंक): à  

https://sootanjali.blogspot.com/2022/05/2022.html

 

यू ट्यूब का संपर्क सूत्र (लिंक) : à

https://youtu.be/kjfVNnejgBY

शुक्रवार, 1 अप्रैल 2022

सूतांजली अप्रैल 2022

 सूतांजली के अप्रैल अंक के ब्लॉग और यू ट्यूब का  संपर्क सूत्र नीचे है।

इस अंक में कई विषय, लघु कहानी और धारावाहिक ‘कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी’ की सोलहवीं किश्त है।

१। बड़ा कौन - मेरे विचार

शर्मा जी की आँखें खुल गयी, और उन्होंने दूसरे ही दिन अपना कारोबार-कारख़ाना फिर से शुरू कर दिया और संत शर्मा जी फिर से व्यवसायी शर्मा जी बन गए। अपने को ईश्वर का दूत ........

          ऐसा क्या हुआ कि शर्मा जी के विचार बदल गए। शर्मा जी की आँखें खुल गयी, और उन्होंने दूसरे ही दिन अपना कारोबार-कारख़ाना फिर से शुरू कर दिया और संत शर्मा जी फिर से व्यवसायी शर्मा जी बन गए। अपने को ईश्वर का दूत समझ वैसी ही भावना से कर्म-रत हो गए।

२। मूर्खता  

सोचने की एक पूरी श्रेणी होती है। जो लोग यह सोचते हैं कि उनकी बुद्धि वरतर है और जिस चीज़ को वे नहीं समझते उसे ठुकरा देते हैं, ऐसों की भरमार है – भरमार। और यह ठेठ मूर्खता का लक्षण है! दूसरी ओर, ऐसे भी कई हैं लोग हैं जिन्हें सामान्यतया “सीधा-सादा" माना जाता है, लेकिन मेरे हिसाब से ये ही सराहनीय हैं और मैं ऐसे भोले-भालों को ही पसन्द करती हूँ .......

          श्रीमाँ क्यों पसंद करती है उन्हें ?

३। आत्मा से तृप्त लोग ..... – मैंने पढ़ा

.........बच्ची ने मानवता की पराकाष्ठा का पाठ पढ़ा दिया। मैंने अंदर ही अंदर अपने आप से कहा, इसे कहते हैं आत्मा से तृप्त लोग, लोभवश किसी से.......

          कौन हैं वे जो आत्मा से तृप्त होते हैं?

४। माँ ईश्वर का प्रतिरूप है  -  मैंने पढ़ा  

क्या मेल है माँ और ईश्वर के स्वरूप में? .......

५। नम्रता          लघु कहानी - जो सिखाती है जीना

छोटी कहानियाँ लेकिन बड़े अर्थ

६।कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी (१६) – धारावाहिक

धारावाहिक की सोलहवीं किश्त

......... उसका फल हो सकता है फांसी के तख्ते पर मृत्यु या आजीवन कालापानी, किन्तु उस ओर दृष्टिपात न कर उनमें से कोई बंकिम का उपन्यास, कोई विवेकानन्द का राजयोग या Science of Religions, कोई गोठा, कोई पुराण तो कोई यूरोपीय दर्शन एकाग्र मन से पढ़......

 


ब्लॉग  का संपर्क सूत्र (लिंक): à  

https://sootanjali.blogspot.com/2022/04/2022.html

 

यू ट्यूब का संपर्क सूत्र (लिंक) : à

 

https://youtu.be/vU-He7SMjSA

शुक्रवार, 4 मार्च 2022

सूतांजली मार्च 2022

 सूतांजली के मार्च अंक के ब्लॉग और यू ट्यूब का  संपर्क सूत्र नीचे है.



इस अंक में दो विषय और धारावाहिक ‘कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी’ की पंद्रहवीं किश्त है।

१। दिखे, तब विश्वास हो – विश्वास हो, तब दिखे (मैंने पढ़ा)

जी हाँ, हम प्रायः कहते हैं “दिखे तब विश्वास हो” क्योंकि हम सदियों से यही सुनते-देखते-मानते आ रहे हैं। लेकिन क्या यह सही है? हमें दिख रहा है तब भी विश्वास कहाँ हो रहा है? भ्रांति मान कर उड़ा देते हैं। लेकिन इनका कहना है कि अगर विश्वास हो तो साफ-साफ दिखेगा, और जैसे-जैसे विश्वास बढ़ता जाएगा दिखना भी बढ़ता जाएगा।

२। बुद्धि या हृदय, चरित्र या शील    (मेरे विचार)

चरित्र हिन्दू का अलग होगा, मुसलमान का अलग होगा, ईसाई का अलग होगा, जैन का अलग होगा, सिक्ख का अलग होगा। शील सभी का एक होगा। शील वहाँ से आता है जहां......

३। कारावास की कहानी – श्री अरविंद की जुबानी (१५) – धारावाहिक

धारावाहिक की पंद्रहवीं किश्त

......इस समाज को तोड़ दो, चूर-मार कर दो; इतने पाप, इतने दुःख, इतने निर्दोषों के तप्त निःश्वास और हृदय के खून से यदि समाज की रक्षा करनी हो तो बेकार है वह रक्षा......

 ब्लॉग  का संपर्क सूत्र (लिंक): à  

https://sootanjali.blogspot.com/2022/03/2022.html

 

यू ट्यूब का संपर्क सूत्र (लिंक) : à

https://youtu.be/b64tXWiAEX8